आज फिर सूने आसमाँ में ईद का चाँद चमका है

आज फिर वो खार देखो फूलों के साथ महका है

फिर वही तारों से सजकर ख्वाब की बारात आयी

फिर तुम्हारी याद आयी, फिर तुम्हारी याद आयी

पतझड़ों में रंग आया बंजरों का रूप देखो

फिर पुरानी चूनर ओढ़े एक मीठी धूप देखो

मोर की ये राग देखो, बादलों की प्यास देखो

और कुछ देखो न देखो, इक मुझे ही खास देखो

ख्वाब आहें आशिकी , बेबसी इक साथ लायी

फिर तुम्हारी याद आयी, फिर तुम्हारी याद आयी

फिर वही बातें पुरानी और कहानी साथ में

हाथ से भागी लकीरें आज आयीं हाथ में

महफिलों में बिक रहे हैं आज मेरे गीत हर

मैं स्वयं को हार बैठा ये जमाना जीत कर

आज मेरा मोल करने शायरी की रात आयी

फिर तुम्हारी याद आयी, फिर तुम्हारी याद आयी

बचपना गुजरा बदलकर अब जवानी हो गयी

वो कहानी आज इक किस्सा पुरानी हो गयी

उर्मिला का धैर्य टूटा, फूटी राधा की व्यथा

कुछ नही है सार इसमें, क्या कहानी क्या कथा?

आज अरसे बाद होंठों पे तुम्हारी बात आई

फिर तुम्हारी याद आयी, फिर तुम्हारी याद आयी